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	<title>HORROR STORIES &#8211; Lok Hindi</title>
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		<title>व्हाइट हाउस में भूत &#8211; भूतों की सच्ची घटनाएं</title>
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		<pubDate>Wed, 17 Jul 2019 19:44:06 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>व्हाइट हाउस व्हाइट हाउस में भूत: संसार के सबसे शक्तिशाली, समृद्ध और विकसित देश अमरीका को नश्वरवादी विचारधारा में गिना जाता है । उनकी दृष्टी में ईश्वर व भूत प्रेतों के वजूद पर विश्वास ही नहीं किया जाता है । मगर इस धारणा को अस्वीकार कर देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपतियों का सरकारी भवन &#8220;व्हाइट हाउस&#8221; ही काफी है । जहां हमेशा कम से काम सात भूत सदा से निवास करते आए हैं । अनेक बार तो कई अमेरिकी राष्ट्रपति भी इनको कभी-ना-कभी देख चुके हैं । अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन की सन् 1865 में वाशिंगटन के एक नाटक गृह में हत्यारे जाँन विल्कस बूथ ने गोली मारकर हत्या कर दी थी । मृत अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन का शव को एक विशेष अलमारी में रख कर आम जनता के दर्शनों के लिए अमेरिका के प्रमुख नगरों से लेकर गया । वह रेल हर स्टेशन पर कुल दस मिनिट रूकती थी । रेल के द्वारा कि जा रही शवयात्रा के बाद रात को 9:00 बजे सम्पूर्ण अमेरिका में, उन सभी रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरती काले रंग की एक विचित्र दूसरी रेलगाड़ी भी देखी गयी । उसमें भी अमेरिकी राष्ट्रपति लिंकन का शव दिखाई दे रहा था । रेल के सभी डिब्बे में, राष्ट्रपति लिंकन के ताबूत के पीछे वाला डिब्बा सबसे विचित्र था । हजारों-लाखों लोगों ने देखा, उस रेल के डिब्बे में कई कंकाल विभिन्न वाद्य यंत्र बजा रहे थे । उनके द्वारा बजायी जा रही धुनें ऐसी थीं की अच्छो-अच्छो की सिटी-विटी गुल हो गयी । यह ट्रेन जितने भी स्टेशनों से निकली, उन स्टेशनों की घड़ियां 10 मिनट तक रुकी रही । इस डरावनी घटना के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपतियों के सरकारी आवास व्हाइट हाउस में हर खास अवसर पर मृत राष्ट्रपति लिंगन का भूत दिखाई देता रहा है । उसे संसार का महानतम राजनीतिज्ञों, शासनाध्यक्षों और कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों तथा उनके परिवारों ने खुद देखा व कर्मचारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन का भूत स्वयं देखा या महसूस किया । अमेरिकी राष्ट्रपति बैंजामिन हैरिसन के कार्यकाल में, सन् 1889 की बात है । हैरीसन एक राजकिय दौरे पर टैक्सास जाना चाहते थे । उन्होंने अपने सुरक्षागार्ड जॉन केनी को तैयार होने का आदेश दिया । वह अपना रिवाल्वर साफ कर रहा था । तभी उसे अपने कमरे के मुख्यद्वार पर एक व्यक्ति खड़ा दिखा । केनी ने सौचा कि राष्ट्रपति का बुलावा होगा । मगर इससे पहले कि केनी कुछ समझ पाता, वह व्यक्ति अपना कालाकोट संभालता हुआ, एक दीवार में प्रवेश कर गायब हो गया । केनी साफ देख लिया था कि वह राष्ट्रपति लिंकन का भूत था । सन् 1890 से सन् 1893 के बीच केनी को लगभग 35 बार लिंकन का भूत दिखाई दिया था । वह केनी को बड़ी नाराजगी भरी नजरो से देखता था । केनी इससे पहले लिंकन का सुरक्षागार्ड था। लगता था कि लिंकन अपनी अकाल मृत्यु का जिम्मेदार केनी की लापरवाही को मानते थे । खैर, सन 1894 में केनी का धैर्य टूट गया । उसने बाल्टीमोर प्रांत कि एक विशेष सभा में भूत विशेषज्ञों को की मदद से लिंकन के भूत का आह्वान किया । उस मौके पर केनी ने विनती कि &#8211; “कृपया करके मुझे-मुझे माफ कर दों श्रीमान लिंकन ! मैं अब राष्ट्रपति बैंजामिन हैरिसन की सुरक्षा कर रहा हूं ।&#8221; इसके बाद लिंकन की प्रेतात्मा ने केरी को तो कभी परेशान नहीं किया । मगर लिंकन कि आत्मा ने अपने प्रिय शयनकक्ष ने सन 1940 तक नहीं छोङा । सन 1934 में अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैकलीन रूजवेल्ट ने यह निश्चित किया कि दूसरी मंजिल के शयनकक्ष में सोया करेंगे। इसके लिए राष्ट्रपति भवन &#8216;व्हाइट हाउस&#8217; की सफाईकर्मी मेरी एबैन को कमरा साफ करने के लिए चार-पांच नौकरों के साथ भेजा गया । थोड़ी देर बाद सभी दौङते चीखते चिल्लाते वापस लौट आये । मेरी ने कहा कि कमरे में प्रवेश करते ही सभी चकित रह गये । वहां तो लिंकन सामने चेयर पर बैठे दिख रहे थे । उन्होंने ब्लेक कोट पहना हुआ था । और नीचे झुककर अपने सूज बांध रहे थे । यह देखकर वे सब डर कर, वापस भाग आए । इससे पहले कि वे कुछ समझ पाते लिंकन की प्रेतात्मा गायब भी हो गयी । रूजवेल्ट ने इस घटना पर यह विचार किया कि लिंकन को अपने रुम से काफी लगाव हो गया था । फिर उन्होनें यह विचार कर उस कमरे में नहीं सोयेगे । परंतु अगले ही दिन उन्होनें ये आदेश दिया कि पहले उसी कमरे की सफाई करे । एक बार रेडियो में दिये जा रहे साक्षात्कार में रूजवेल्ट ने कहा कि वह अपनी कुर्सी पर बैठे कुछ विचार कर रहे थे तभी उन्होंने लिंकन के प्रेत को एक तस्वीर के पीछे से निकल कर आकर एक अलमारी में घुसते देखा। बाद में राष्ट्रपति रुजवेल्ट को राष्ट्रपति भवन के विभिन्न कमरों तथा हॉल में लिंकन की आत्मा घुमती दिखाई दी। उन्होंने कहा कि लिंकन का प्रेत खामोश, संयत और रौबदाब वाला है। पता नही क्यों लिंकन की आत्मा दुखी रहती है । सन् 1945 में राष्ट्रपति रूजवेल्ट की रहस्यमय कारणों से मृत्यु हो गयी । उससे पहले भी कम से कम 3-4 बार उनको लिंकन का भूत नजर आया था । यह भी पढ़े: रोमांचक रहस्य &#8211; सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियां हर वर्ष अप्रैल के महीने में लिंकन का प्रेत राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस में जरूर नजर आता है। यही वह माह था जब उनकी हत्या कि गयी थी। लिंकन की आत्मा को देखकर एक बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री सर बिंस्टन चर्चित तो डरकर अपने बिस्तर से निकल भागे थे । उन्हें दूसरी मंजिल में लिंकन के प्रिय रुम में ठहरा दिया गया था । नीदरलैंड की महारानी विल्हेमिना को अमेरिकी यात्रा के दौरान व्हाइट हाउस के रोज रूम में ठहराया गया था । उसी अवसर पर उनके डौर पर नाईट में दस्तक हुई उन्होंने सोचा कि कोई खास संदेश लेकर कोई नौकर आया होगा । उन्होंने दरवाजा खोला । बाहर लिंकन का भूत था । महारानी के डरे चेहरे को देखकर लिंकन ने परेशान चेहरा बनाया और वहां से चला गया । राष्ट्रपति ट्रूमैन के कार्यकाल के वक्त परमाणु बम का आविष्कार किया गया...</p>
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		<title>रोमांचक रहस्य &#8211; सच्ची घटनाओं पर आधारित कहानियां</title>
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		<pubDate>Thu, 11 Jul 2019 11:30:42 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>रोमांचक रहस्य कहानियां भूत प्रेतों की दुनिया भी अजीब होती है । सिर्फ कुछ लोग ही उनके अस्तित्व पर संदेह नहीं करते, बल्कि कई उदाहरण तो ऐसे भी हैं, रोमांचक रहस्य: जहां भूतों को भी यह मालूम नहीं चला कि वे कब भूत बन गये । रोमांचक रहस्य: श्रीमती ट्रान हत्प्रभ थीं । उनको अपनी आंखों पर यकीन ही नहीं हो रहा था । उन्होंने हाथ बढ़ाकर, नौसेना की वर्दी में सजे अपने पति सर जॉर्ज ट्रेन को छूना चाहा । यह देखकर, उपस्थित मेहमानों की चीख निकल गयी कि लेडी ट्रायन का हाथ ट्रायन के आर-पार निकल गया । इस प्रकार 22 जून, 1893 की उस शाम, लंदन के नागरिकों की शानदार बस्ती ईटन स्क्वायर में आयोजित वह पार्टी भगदड़, चीख-पुकार और दहशत के माहौल में बदल गयी । श्रीमती ट्रायन इसी वक्त बेहोश हो गयी । तभी एक बुढ़िया ने सर ट्रायन से पूछा, &#8220;आप जिंदा हैं ?&#8221; ट्रायन ने अचंभे से उस औरत को देखा और आंखों में गहरे अविश्वास के भाव लिये, वह अचानक ही गायब हो गये । उस वक्त तक ब्रिटेन की शाही नौसेना के 13 जहाजों के साथ वाइस एडमिरल सर ट्रायन लीबिया के निकट भूमध्यसागर में एक दुर्घटना में डूब चुके थे । उनके युद्धपोत- विक्टोरिया में पानी भर चुका था और ट्रायन 22 अफसरों तथा 36 नौसैनिकों के साथ सैंकड़ों फुट गहरे पानी में समा चुके थे । उनके साथ गये सिर्फ 25 अफसर और 259 नौसैनिक बच्चे थे, जिन्होंने किनारे पहुंचकर सारी घटना बतायी । एक अफसर ने बताया कि विक्टोरिया के डूबते वक्त, सर ट्रायन एक ओर जहाज की रेलिंग पकड़े दृढ़ता से खड़े थे । वह दूर कहीं देख रहे थे । शायद उन्हें अपनी बीवी की याद सता रही थी । ट्रायन को पता ही नहीं चला होगा कि वह कब मरे और कब भूत बन गये । रोमांचक रहस्य: इसी तरह का मामला न्यूहैपटनशायर मैं करीब 60 साल बाद हुआ । वहां बैंस स्मिथ के परिवार ने 98 साल पुराना जर्जर मकान खरीदा था । उस मकान में सारा सामान जर्जर हो चुका था । इसलिए उन्होंने मकान की मरम्मत करानी शुरू की । शुरुआत में तो सब ठीक-ठाक रहा । मगर जैसे ही मकान के एक कोने में बने बाथरूम से, लोहे का एक जंग लगा बाथटब हटाया गया । मानो कयामत आ गयी । उस दिन के बाद, मकान में एक बूढ़े का भूत लगातार दिखाई देने लगा । भूत की सबसे पहली शिकार स्मिथ परिवार की बड़ी लड़की 14 वर्षीय मैरी हुई । अपने कमरे में गहरी नींद में सो रही मैरी को एक रात अचानक ही लगा, जैसे उसे दो मजबूत हाथों ने पकड़ लिया हो । उसकी घिग्घी बंध गयी । डरकर उसने चीखना शुरू कर दिया । मगर मुंह से आवाज भी नहीं निकली । फिर वह बेहोश हो गयी । बेहोश होने से पहले उसने देखा, ड्रैसिंग गाउन पहनने एक बूढ़ा व्यक्ति, उस जगह, जहां पुराना बाथरूम था, दीवार में घुस रहा था ।   अगले ही दिन मेरी की 4 वर्षीय बहन ट्यूलिप ने उसी बुड्ढे को देखा । वह अपने बिस्तर से भागकर अपनी मां की कमरे में घुस कर बेहोश हो गयी । होश आने पर उसने कहा, &#8220;डैडी उस बूढ़े को भगा दीजिए । वह हमारे कमरे की दीवार में छिपा बैठा है । बाद में तो इसी तरह की रोमांचक घटनाओं की बाढ़ ही आ गयी । स्मिथ परिवार ने डरकर प्रख्यात परामनोवैज्ञानिक नार्मन गाथियर से संपर्क किया । भूत प्रेत भगाने में भी माहिर थे । यह भी पढ़े: रूह का बदला &#8211; कहानी रोमांचक रहस्य: गाथियर अपने साथ दो व्यक्तियों को लेकर स्मिथ के घर गये । उन दो व्यक्तियों में एक पादरी था और दूसरा प्रेतात्माओं से संपर्क के माध्यम का काम करता था । उन लोगों ने घर में घुसते ही बता दिया कि वहां वाकई किसी प्रेतात्मा का निवास है । गाथियर ने स्मिथ को बताया कि प्रेतात्मा एक बूढ़े व्यक्ति फिलिप की है, जिसकी 63 साल की आयु में, अचानक ही दिमाग अथवा दिल की कोई नस फटने से मौत हो गयी थी । वह मरते वक्त बाथटप में नहा रहा था । अतः उसकी अचानक हुई मौत में, फिलिप को पता ही नहीं चला कि वह मर कर भूत बन गया और लोग भूत से डर कर मकान छोड़ गये हैं । सालों वह अपने मकान में, इधर से उधर मंडराता रहा। जब स्मिथ परिवार ने वह मकान खरीदकर उसमें रद्दोबदन करनी शुरू की, तो वह चौंका उसे क्रोध भी आया कि ये लोग, उसके मकान में क्या कर रहे हैं ? जब उसका प्रिय बाथटप हटाकर नया टब लगाया गया, तो फिलिप के क्रोध की कोई सीमा ही नहीं रही ।  फिलिप की बीवी मर चुकी थी । उसे मालूम ही नहीं था कि वह मर चुकी है । उसने गाथियर को बताया कि एल्थिया की आत्मा उसे कहीं नहीं मिली । जब गाथियर ने उससे पूछा कि क्या वह भूतों को मानता है ? तो फिलिप ने कहा, &#8220;मैं तो अपने घर में रहता हूं, बाहर क्या होता है, मुझे नहीं मालूम ।&#8221; बहुत प्रमाणों के बाद उसे यकीन आया कि वह मर कर भूत बन चुका है । और जब उसे विश्वास हो गया, तो वह एक दरवाजे में घुसकर गायब हो गया । फिर उस मकान में वह कभी नहीं दिखा । इसी प्रकार के एक और प्रसिद्ध मामले में कुछ दोस्तों को पता ही नहीं चला कि वे मर गये हैं । रोमांच व रहस्य से भरी घटनाएं रोमांचक रहस्य: ब्रिटेन की शाही वायुसेना द्वारा सन् 1914 में बनवाया गया एयरपोर्ट बिरशेम न्यूटन सन् 1948 के बाद से, छात्रों को भवन-निर्माण की शिक्षा देने के लिए प्रयोग किया जा रहा था । एक बार लंदन की एक व्यावसायिक संस्था ने छात्रों के लिए एक फिल्म बनाने को कैमरा टीम वहां भेजी, तो यूनिट के सदस्यों के साथ अजीब अजीब हादसे हुए । सभी भाग आए । उस यूनिट का एक सदस्य टेनिस का शौकीन था । एयरपोर्ट के भीयरी भवन में स्क्वाश के दो कोर्ट बने थे । एक बार वह वहां खेल रहा था (स्क्वाश, दीवार पर गेंद मारकर जल्दी-जल्दी तथा...</p>
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		<title>रेलगाड़ी Horror Story &#8211; ड़रावनी कहानी हिंदी में</title>
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		<pubDate>Sat, 11 May 2019 10:34:47 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>Horror Story &#8211; रेल में सफ़र कर रहे व्यक्ति के साथ घटी एक ड़रावनी घटना / रेलगाड़ी horror story in hindi &#124; New Scary Stories in Hindi विशाल नामक चालीस वर्षीय व्यक्ति सात माह के बाद अपने भरे-पूरे परिवार में लौट रहा था &#124; विशाल शहर से बाहर नौकरी करता था, सात महीने का अपना पूरा पैसा इकट्ठा करके वह अपने घर लौट रहा था &#124; उसके परिवार में उसकी पत्नी थी और दो बच्चे &#124; विशाल रेलगाड़ी से अपने घर का सफर तय कर रहा था &#124; रात काफी हो चुकी थी ट्रेन में सवार सभी लोग अपनी अपनी बर्थ पर सो रहे थे &#124; मगर विशाल की आंखों में नाम-मात्र को नींद नहीं थी, इसका सबसे बड़ा कारण उसे घर जाने की खुशी थी &#124; घर जाने की खुशी में विशाल को नींद नहीं आ रही थी &#124; विशाल के अलावा एक व्यक्ति ऐसा और भी था, जो सोया नहीं था &#124; उसकी बर्थ के सामने वाली बर्थ पर ही वह व्यक्ति बैठा था &#124; अपने सामने चुपचाप बैठे व्यक्ति को विशाल ने देखा तो जाना कि वह ड्रैकुला की कहानी पढ़ रहा था &#124; विशाल को लगा कि उसके सामने जो व्यक्ति बैठा है, वह किताब पढ़ने के माध्यम से अपना वक्त बिता रहा है शायद उसे भी नींद नहीं आ रही है &#124; विशाल को लगा कि वह क्यों न अपने सामने बैठे व्यक्ति से बातचीत करने में अपना समय गुजारे, इसी इरादे के साथ विशाल ने उसे पुकारा- “भाई साहब” किताब पढ़ रहे व्यक्ति ने उसकी आवाज को अनसुना-सा करके उस पर कोई ध्यान नहीं दिया &#124; यह भी पढ़े:  Scary Stories in Hindi &#8211; ज़िंदा लाश &#8211; Ghost Story “भाई साहब” दूसरी आवाज पर उसने किताब नीचे करके विशाल को सपाट दृष्टि से देखा उसके चेहरे पर भी सपाट भाव ही थे &#124; इस बार विशाल तनिक संकोच के साथ बोला- “मैंने आपको डिस्टर्ब तो नहीं किया &#124;” “नहीं” सामने बैठा व्यक्ति सपाट स्वर में बोला &#124; विशाल मुस्कुराकर उससे बातों का सिलसिला जारी रखते हुए बोला- “आपका नाम क्या है &#124;” “सूर्य प्रताप” वह बोला &#124; “ओह” विशाल ने हलक से सांस छोड़ते हुए कहा “क्या आप भी अपने घर जा रहे हैं&#124;”   “नहीं” सूर्य प्रताप ने पूर्ववत स्वर में कहा &#124; “तो फिर आप अपने घर से कहीं और जा रहे हैं” विशाल ने मुस्कुराते हुए सामान्य स्वर में कहा &#124; प्रताप ने उसे इस नजर से देखा मानो वह कुछ ना कहना चाहता हो &#124; विशाल चेहरे से ऐसा प्रकट करने लगा मानो बराबर संकोच कर रहा हो &#124; फिर बोला- “मैं आज सात महीने बाद अपने घर वापस लौट रहा हूं, अपने परिवार से मिलने की खुशी में मुझे नींद नहीं आ रही है इसलिए मैंने सोचा थोड़ा आपसे बात ही कर लूं &#124;” प्रताप कुछ ना बोला वह उसकी बात पर सिर को इस तरह जुम्बिश देकर रह गया, मानो उसकी बात पर सहमति जता रहा हो &#124; प्रताप के हाव भाव से साफ जाहिर था कि वह बात करने के मूड में बिल्कुल नहीं था &#124; वह निरंतर जता रहा था कि जैसे उसे इस समय बात करना बिल्कुल अच्छा न लग रहा हो &#124; मगर आज तो जैसे विशाल चुप रहने के मूड में बिल्कुल नहीं था, वह बातों को बढ़ावा देते हुए बोला- “भाई साहब, क्या आप भूत-प्रेतों पर विश्वास करते हैं &#124;” “हां” प्रताप अपने छोटे से उत्तर में बात को पूरा किया &#124; यह भी पढ़े: New Horror Stories For Kids &#8211; आइने की दुनिया &#8211; हिंदी कहानी “मगर कैसे” विशाल बोला -“क्या आपने कभी किसी भूत या प्रेत को अपनी आंखों से देखा है &#124;” उसके प्रश्न पर प्रताप ने चंद लम्हो तक उसे ध्यान पूर्वक इस तरह देखा मानो उससे बहुत कुछ कहना चाहता हो &#124; मगर ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ &#124; कुछ कहने के स्थान पर प्रताप ने किताब अपने चेहरे के सामने की और उसे पढ़ने लगा &#124; विशाल ऐसा देख उलझ गया उसकी समझ में नहीं आया कि प्रताप ने उसकी बात का कोई जवाब नहीं देकर अपना चेहरा किताब में क्यों छुपा लिया ? इस बार विशाल ने भरपूर संकोच भरे स्वर में कहा- “आपने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया, भाई साहब” जवाब के रूप में प्रताप ने अपने चेहरे के आगे लगी किताब हटाई तो उसका बहुत ही भयंकर चेहरा विशाल के सामने आ गया &#124; प्रताप का चेहरा इतना डरावना हो चला था कि यदि कोई मानव उस चेहरे को देखकर अपने प्राण भी गवा बैठता तो हैरानी की बात नहीं थी &#124;   उसका डरावना चेहरा देखते ही विशाल की आंखों में मानो दुनिया भर का खौफ सिमट आया था &#124; उसके चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगी थी &#124; विशाल की दोनों हथेलियां बर्थ से इस तरह सट गई थी, मानो उनके सहारे से वह उठकर खड़ा होना चाहता हो, उसकी पीठ पिछले भाग से सट गई थी &#124; हद यह थी उसके खौफजदा रह जाने की कि वह सांस लेने में भी डर रहा था या फिर यह कहा जाए कि सांसे खुद ही बाहर आते हुए भयभीत थी &#124; यहां तक कि उसकी आवाज भी नहीं निकल पा रही थी &#124; विशाल जान गया था कि उसके सामने मौजूद प्रताप कोई मनुष्य नहीं, बल्कि एक भूत है &#124; विशाल बेबस रहकर अपने स्थान पर शिवाय बैठे रहने के कुछ ना कर सका &#124; उसके सामने बैठा डरावना चेहरे व लंबे-लंबे दांत वाला भूत ठहाके लगाकर बोला- “अब तुम्हें विश्वास हो चला होगा कि आज के समय में भी भूत-प्रेत जैसी चीजें मौजूद है &#124;” “क्या तुम सचमुच भूत हो” विशाल ने भय से परिपूर्ण स्वर में पूछा &#124; “अब भी तुझे यकीन नहीं आया मूर्ख, कोई बात नहीं मैं जब तेरा खून पिऊंगा, तब तुझे यकीन आ जाएगा &#124;” “नहीं-नहीं मुझे मत मारो, मेरे दो बच्चे और मेरी पत्नी घर पर मेरे आने की प्रतीक्षा कर रहे हैं &#124; अगर मैं मर गया तो उनका सहारा छिन जाएगा, मुझे जाने दो &#124;” कहते हुए विशाल अपने स्थान से सरकने लगा &#124; यह भी पढ़े: Ghost Stories in Hindi Real &#8211; मिट्टी का मानव कहानी वह भूत उसे देखकर मुस्कुराता...</p>
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		<title>Scary Stories in Hindi &#8211; ज़िंदा लाश &#8211; Ghost Story</title>
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		<pubDate>Tue, 05 Feb 2019 18:32:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>Scary Stories ज़िंदा लाश की असली कहानी / Scary Stories in Hindi &#8211; डरावनी हिंदी कहानीयाँ &#124; New Ghost Stories in Hindi 2019, भूत की हिंदी में कहानियाँ &#124; पच्चीस वर्षीय अनुज अपने उस फ्लैट में पहली बार आया, जो उसे उसकी कम्पनी ने सुविधा के रूप में दिया था। वास्तव में अनुज की नई-नई नौकरी लगी थी। वह हरियाणा में अपना परिवार छोड़कर शिमला में आ गया था। सालभर से नौकरी की तलाश में भटक रहे अनुज को अच्छी नौकरी मिलते ही उसका उदास जीवन खुशियों से खेलने लगा था। कम्पनी ने सुविधा के रूप में उसे जो फ्लैट दिया था, उस फ्लैट में प्रवेश करते ही अनुज के होठों से अनायास ही निकला था- “वाओ, मोस्ट ब्यूटीफुल फ्लैट!” Scary Stories in Hindi वह भीतरी दरो-दीवार तथा फ्लैट में मौजूद हर एक सामान को देखने के बाद बहुत प्रसन्न हुआ था। उसके चेहरे पर नौकरी मिल जाने की सुनहरी चमक तो पहले से ही उत्पन्न थी, मगर अब कम्पनी की ओर से रहने की सुख-सुविधा देखने के बाद उसका चेहरा खुशी से खिल गया था। अपने जरूरी सामान से भरा बैग उसने कन्धे से उतारकर नीचे फर्श पर छोड़ा तथा लम्बे डग भरकर सामने पड़े सोफे पर जा बैठा। सोफे पर बैठते ही उसने सुकून महसूस करने जैसे अन्दाज में आंखों को बन्द करते हुए हलक से गहरी सांस छोड़ी । फिर चन्द लम्हों बाद अनुज फ्रेश होने के लिए बाथरूम की ओर प्रसन्न मुद्रा में गुनगुनाता हुआ बढ़ा। इतना ही नहीं उसके थिरकते कदम उसकी गुनगुनाहट पर खुशी का इजहार स्पष्ट कर रहे थे। वह झूमता थिरकता वॉश रूम में पहुंच गया। बाथरूम में भीतर पहुंच अनुज ने सामने लगे आइने पर नजर डाली और एक शानदार स्टाइल में वह स्वयं को देखकर मुस्कुराया। फिर जल्द ही वह स्नान की तैयारी के साथ अपने काम में जुट गया । स्नान से निपटने के बाद जब उसने दोबारा खुद को आइने में देखने के लिए नजर उठाई तो चौंक गया। एकाएक उसके चेहरे से उलझन प्रकट हुई। आंखों में प्रश्न उभरा। क्योंकि इस बार आइना देखते हुए अनुज ने देखा था कि एक साथ कई दरारें आइने पर पड़ी हुई हैं। आइने पर पड़ी दरारें कुछ इस प्रकार थीं मानो किसी ने आइने के बीच में जोर से पत्थर मारकर उसे चटकाया हो। मगर अनुज ने ऐसी कोई आवाज न सुनी थी, जिससे वह यह अनुमान कर सकता हो कि आइना पत्थर मारने पर ही चटका है। कुछ देर पूर्व उसने आइने को अपने सही रूप में देखा था, मगर अब आइना बुरी तरह दरारों से भरा उसकी आंखों के सामने था। अनुज समझ नहीं पाया था कि आखिर आइने में दरारें पड़ीं किस प्रकार? वह उलझ बैठा था इस रहस्य में। आइने में पड़ी दरारें उसके स्नान के दौरान ही आई थीं। वह लगातार सोच रहा था कि आखिर इस बीच ऐसा क्या हुआ जिसके कारणवश आइने में दरारें पड़ गईं? लाख सोचने के बाद भी उसकी समझ में कुछ नहीं आया तो वह इसी उलझन में फंसा रहकर बाथरूम से बाहर निकल आया। रात ग्यारह बजे। Scary Stories in Hindi अनुज अपने बेड पर लेटा एक हॉरर स्टोरी पढ़ रहा था। उसके फ्लैट में गहरी खामोशी छाई थी। एकांत में वह पूरे आनन्द के साथ हॉरर स्टोरी का आनन्द उठा रहा था। स्टोरी पढ़ते-पढ़ते उसे काफी रात बीत गई थी। उसने सो जाने के इरादे से सामने लगी वॉल क्लॉक की तरफ दृष्टि उठाई। क्योंकि सुबह छ: बजे उसे अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए उठना था। अनुज ने जैसे ही वॉल क्लॉक की ओर देखा उसी समय दीवार पर लगी घड़ी अपनी मजबूती छोड़ते हुए नीचे फर्श पर गिरी ‘छन्न’ की आवाज के साथ घड़ी का शीशा टूट गया। अनुज तुरन्त बैड से उठा और उसने आगे बढ़कर घड़ी उठाई वॉल क्लॉक पूरी तरह खराब हो चली थी। जैसे-तैसे उसने फर्श पर बिखरा घड़ी का कांच समेटकर डस्टबिन में डाला और बापस अपने शयनकक्ष में आ गया। जब वह वापस अपने शयनकक्ष में आया तो उसने देखा कि उसके सारे कपड़े फर्श पर फैले पड़े हैं। यह देख वो बुरी तरह चौंका। उसने झट अनुमान लगा लिया कि अवश्य ही कोई उसके फ्लैट में घुस आया है कोई चोर! अपने फ्लैट में किसी चोर के घुस आने का अनुमान करते हुए उसने गुर्राहट भरे स्वर में पुकारा ‘कौन है यहां?&#8217;  You Read This Scary Stories in Hindi on Lokhindi.com साथ ही वह पूरी वीरता के साथ चोर का मुकाबला करने के लिए खड़ा रहा। जवाब के रूप में कुछ कदमों की गूंज उसने सुनीं यह समझते अनुज को अधिक समय न लगा कि कोई व्यक्ति उसके फ्लैट से भाग निकलने की कोशिश कर रहा है। क्योंकि फ्लैट में गूंज रहे कदमों की आवाजें फ्लैट से बाहर की ओर जाती सुनाई दे रही थीं। अधीर कदमों के साथ अनुज उसी तरफ बढ़ा, जहां उसे कदमों के गूंजने की आवाजें होने का अन्देशा हो रहा था वह फुर्तीले कदमों के साथ आगे पहुंचा, तो उसने देखा कि फ्लैट का डोर खुला हुआ है। दरवाजा खुला जानकर अनुज को आश्चर्य हुआ। क्योंकि वह तो दरवाजा लॉक करके सोने की तैयारी के साथ बैड पर गया था, मगर अब दरवाजा खुला देखने के बाद वह आश्चर्यचकित था। दरवाजा कैसे खुला या किसने खोला, इन प्रश्नों के उत्तर सोचने का समय नहीं था उसके पास। दिमाग में सावन की घटा की तरह घुमड़ उठे प्रश्नों को ज्यों का त्यो वह अपने दिमाग में छोड़े रखकर फुर्ती से आगे बढ़ा। फ्लैट से निकल अनुज ने बाहर की ओर नजरें दौड़ाई। परन्तु बाहर उसे कोई नजर न आया। साथ ही वातावरण की शान्ति को महसूस करते हुए ऐसा तनिक भी आभास न होता था कि कुछ देर पूर्व वहां कोई आया-गया भी है। हर तरफ गहरी खामोशी पैर पसारे सोती महसूस हो रही थी। अनुज उलझन भरे भाव चेहरे से व्यक्त करता वापस अपने फ्लैट में चला आयां । मगर फ्लैट का दरवाजा खुला जानने के बाद उसके मन में कौंध उठे प्रश्न बराबर जोर मार रहे थे। वो अभी तक थमे नहीं थे। तूफानी रफ्तार के साथ अपनी रवानगी में आकर बराबर अनुज को चिन्तित कर रहे थे। धीमे-धीमे कदमों के साथ अपने बैडरूम...</p>
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		<title>New Horror Stories For Kids &#8211; आइने की दुनिया &#8211; हिंदी कहानी</title>
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		<pubDate>Sat, 19 Jan 2019 18:41:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<p>New Horror Stories Hindi आइने की दुनिया कहानी / New Horror Stories For Kids &#8211; डरावनी हिंदी कहानीयाँ &#124; Ghost, Horror Stories in Hindi For Kids, भूत की हिंदी में कहानियाँ &#124; ‘‘रानी..रानी।&#8217; &#8220; कबीर नामक पैंतालिस वर्षीय व्यक्ति अपने घर में आता हुआ अपनी अट्ठारह वर्षीय बेटी को पुकार रहा था। पिता की आवाज पर रानी दौड़ी-दौड़ी उसके पास आई। कबीर के हाथों में एक आइना था। उसने आइना रानी को सौंपते हुए कहा &#8211; “यह लो तुम्हारी जरूरत का सामान। कल तुम कह रही थीं न कि तुम्हें एक बहुत सुन्दर आइना लाना है।” ‘‘हां।” New Horror Stories For Kids ‘‘मैं ले आया। मार्केट में यह सबसे महंगा मिला है।” “ओढ़ थैक्यू पापा।” रानी ने प्रसन्न मुद्रा सहित आइना अपने हाथों में लेकर देखते हुए कहा- “यह तो बहुत सुन्दर आइना है। मैं इसे अपने रूम में लगाऊंगी।” “चाहे जहां लगाओ। अब तो यह तुम्हारा हो गया।&#8221; ‘ओके।&#8217;  इसी के साथ रानी उस सुन्दर आइने को लेकर अपने रूम में चली आई। उसने आइना तत्काल अपने खूबसूरत रूम की सुन्दर दीवार पर टांग दिया। आइना लगभग पन्द्रह इंच लम्बा और पन्द्रह इंच चौड़ा था। गोल्डन फ्रेम का यह सुन्दर आइना कारीगर ने बड़ी ही नजाकत के साथ बनाया था। रानी आइना दीवार पर टांगने के बाद अपने बैड पर आ गई और एक बुक पढ़ने लगी। अचानक उसे महसूस हुआ कि उसका कमरा तरह-तरह के रंगों से रोशन हो रहा है। उसने चारों तरफ नजर घुमाई- यह जानने के लिये कि आखिर यह रोशनी आ कहां से रही है। तभी उसकी नजरें आइने पर पहुंचकर रुक गईं। वास्तव में आइने से कई रंगों की रोशनी निकलकर उसके कमरे में फैल रही थी। जब रानी ने देखा कि उसके कमरे में फैल रही रंग-बिरंगी रोशनी आइने से निकल रही है तो वह बुक वहीं छोड़ बैड से नीचे उतरी व आइने के करीब गई। रानी ने ध्यानपूर्वक उस आइने में झिलमिलाते रंगों को देखा तो हैरान रह गई। कुछ क्षणों तक वह लगातार उस आइने को देखती रही। अचानक आइने में रंगों के साथ एक डरावनी शक्ल आ गईं। उस डरावनी शक्ल को देख रानी इतनी बुरी तरह से डरी कि उसके हलक से सांस भी चीख के रूप में निकली। उसी समय! आइने में आई डरावनी शक्ल ने अपने दोनों हाथ आइने से बाहर निकालकर रानी की गर्दन पकड़ उसे अपनी ओर खींचा रानी आइने में घुसती हुई चीखने लगी। तभी कबीर रानी की चीख सुनकर उसके कमरे में आया तो रानी गायब मिली। आइना अपने सही रूप में था। न उसमें कोई रग उभर रहा था और न कोई डरावनी शक्ल। तभी कबीर रानी की तलाश में उसे पुकारता हुआ बाहर चला आया। उसके कमरे से बाहर आते ही आइने में एक बार फिर डरावना चेहरा छा गया और इस बार किसी आदमखोर जानवर की तरह उसने मुंह फाड़ा। किन्तु जल्द ही वह चेहरा गायब भी हो गया। इधर, New Horror Stories For Kids रानी आइने की दुनिया में पहुंची तो वहां उसे एक बंजर इलाका मिला जो कि पथरीला था। दूर-दूर तक गहरा सन्नाटा था। हर तरफ पत्थरों का कब्जा था। ऊंची-ऊंची पहाड़ियां होने के साथ वहां छोटे-छोटे पत्थर जमीन पर बिखरे हुए थे। रानी भयभीत थी। वह चारों ओर देखते हुए सोच रही थी कि वह कहा आ गई ? उसी वक्त किसी ने पुकारा &#8211; ‘रानी..।&#8217; You Read This New Horror Stories For Kids on Lokhindi.com पलटकर उसने देखा तो पाया कि एक बूढ़े ने उसे पुकारा है। बूढ़े की आयु अस्सी वर्ष के लगभग थी। रानी अकेली इस सुनसान जगह पर उस बूढ़े की मौजूदगी का सहारा पाकर झट उसके करीब पहुंची। बोली &#8211; ‘आप कौन हैं?&#8217; “तुम्हारी तलाश में पल-पल भटकने वाला..।’ बूढ़े ने कहा। ‘मैं कुछ समझी नहीं।’ New Horror Stories For Kids ‘अभी समझाता हूं।’ बूढ़ा बोला।&#8221; New Horror Stories For Kids in Hindi More New Horror Stories For Kids : Ghost Stories in Hindi Real &#8211; मिट्टी का मानव कहानी उसी समय बूढ़े ने इस कदर डरावना रूप ग्रहण किया कि रानी की चीख निकल गई। वह जोर से चीखती हुई अपने स्थान से पलटकर आगे की ओर आयी। बूढ़ा अपने रूप से बड़ा ही डरावना भूत बन गया था। वह उसके पीछे दौड़ता हुआ बोला &#8211; ‘‘मैं बहुत दिनों से भूखा-प्यासा हूं। आज तुझे अपनी खुराक बनाकर मैं अपनी भूख और प्यास मिटाऊंगा।&#8217; रानी दौड़ती रही। दौड़ते-दौड़ते वो पसीनों से पूरी भीग गई थी। वो भूत लगातार उसके पीछे दौड़ रहा था। दौड़कर रानी एक पहाड़ी के पीछे आकर छिप गई। बूढ़ा भूत भी उसके पीछे-पीछे आया, मगर तब तक रानी पहाड़ी का एक राउण्ड लेकर उसके पीछे छिप गई थी। बूढ़ा भूत उसे अपनी नजरों से ओझल पाकर अपने स्थान पर थम गया, फिर धीरे-धीरे कदम आगे बढ़ाने लगा। भूत का एक हाथ पहाड़ी पर था। वो हाथ पहाड़ी पर सरकाते हुए कदम आगे बढ़ा रहा था। जब वो पहाड़ी के अगले छोर पर घूमने रहा था, तब सबसे पहले रानी ने उसका हाथ देखा। उसका हाथ भी बहुत डरावना था। इसी कारणवश रानी उस भयंकर हाथ को देखकर एक बार फिर चिल्लाई। उसके चीखते ही भूत तत्काल उसके सामने आ गया। और फिर वहां से अपना स्थान छोड़ते हुए दौड़ने में रानी ने अधिक वक्त न लगाया। बड़ी फुर्ती के साथ वो वहां से भी भाग निकली। अपनी डरावनी शक्ल वाला यह भूत निरंतर रानी का पीछा करता रहा। दौड़ते-दौड़ते वह बुरी प्रकार हांफने लगी थी। उसके नंगे पैरों में अनेकों नुकीले पत्थरों के चुभ जाने से इतने जख्म हो गये थे कि अब उसके लिए और अधिक दौड़ पाना बड़ा मुश्किल हो चला था, मगर जान बचाने की खातिर उसकी रफ्तार में कोई कमी नहीं आ रही थी। रानी दौड़ते-दौड़ते अचानक एक गड्ढे में गिर गई। गढ़ा अधिक गहरा नहीं था, मगर भूत के आने से पूर्व इससे निकल पाना बहुत मुश्किल था। रानी ने शीघ्रता के साथ उस गड्ढे से निकलने का उपक्रम किया ही था कि भूत उसके सिर पर आकर मंडराने लगा। साथ ही वह अपनी भंयकर आवाज में रानी पर गुर्राया भी। उसकी गुर्राहट से वो डर गई। वापस गड्डे में ही धंस गई। कुछ क्षण रुककर रानी ने उससे अपने बचाव का एक उपाय ढूंढा।...</p>
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