Hindi Short Stories With Moral – अकल बड़ी या भैंस

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सर्वविदित है कि शेर को जंगल का राजा कहा जाता है । लेकिन यह बात कम ही लोग जानते होंगे कि जिस क्षेत्र में शेर रहता है, वह उसी क्षेत्र का राजा या मालिक होता है, दूसरे शेर के इलाके में जाकर वह अपना अधिकार नहीं जमा सकता ।

ऐसे ही एक क्षेत्र में एक शेर रहा करता था । उसकी आदत इतनी खराब थी कि उसे पेट भरने के लिए केवल एक ही पशु काफी होता था, परंतु वह अपनी खराब आदत के कारण जंगल के कई-कई पशुओं को मार दिया करता था ।

उसकी हरकत के कारण जंगल में पशुओं की संख्या घटने लगी थी । एक दिन जंगल के पशुओं ने मिलकर एक सभा की । उस सभा में जंगल के सभी पशु-पक्षियों ने भाग लिया ।

सभा में निश्चित किया गया कि शेर राजा के पास जाकर उससे कोई समझौता किया जाये, जिससे कि वह व्यर्थ ही जंगली पशुओं को न मारा करे । Hindi Short Stories With Moral

वे जुलूस की शक्ल में राजा के पास पहुंँचे ।

जुलूस में उन्होंने शेर की प्रशंसा में नारेबाजी की ।

शेर ने अपनी प्रशंसा के नारे सुने तो वह बड़ा प्रसन्न हुआ । उसने जुलूस में आये सभी पशुओं के अपने पास बुलाया और वहां आने का कारण पूछा ।

लोमड़ी ने सबसे आगे बढ़कर शेर महाराज को प्रणाम किया और कहां- “राजन ! हम सब आपकी प्रजा हैं, इसलिए हम अपने दुख की बात आपसे निवेदन करने आये हैं ।

श्रीमान बात यह है कि यदि आप अपना दिल बहलाने के लिए हममें से प्रतिदिन दस-दस जंतुओं को मारते रहेंगे, तो कुछ ही दिनों में जंगल के सब जंतु समाप्त हो जायेंगे । उससे हमारा वंश तो नष्ट हो ही जाएगा, अपितु आपको भी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा ।

आपको अपना पेट भरने के लिए मांस मिलना असंभव हो जायेगा । इसलिए हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि आप पशुओं को व्यर्थ में मारना बंद कर दें ।” Hindi Short Stories With Moral

लोमड़ी की बात शेर ने गौर से सुनी फिर वह बोला- “तुमने यह बात तो बड़ी समझदारी की की है, लोमड़ी रानी, किंतु तुमने यह बात नहीं सोची कि यदि में तुम लोगों का शिकार न करूंँ तो खाऊंँगा क्या ?”

लोमड़ी ने कहा-महाराज ! ये बात सोच-विचार कर ही हम लोग आपके पास आये हैं । हमने निश्चित किया है कि हम बारी-बारी आपको अपना एक-एक पशु देंगे और आप उसे खाकर अपना पेट भर लिया करना ।”

लोमड़ी का प्रस्ताव शेर को पसंद आया । उसने सोचा-“उसे घर बैठे उसकी खुराक मिल जाया करेगी, इससे उसे मेहनत भी नहीं करनी पड़ेगी ।”  Hindi Short Stories With Moral

और उस दिन के बाद रोजाना एक पशु शेर महाराज के भोजन के लिये जाने लगा ।

एक दिन एक खरगोश की बारी आई । अंत: खरगोश को शेर के पास जाना था । खरगोश अपने घर से चल पड़ा । किंतु वह समय पर शेर के पास नहीं पहुंँचा ।

वह एक कुएँ पर बैठकर शेर को समाप्त करके अपनी जान बचाने की योजना बनाने लगा ।

यह तो बखूबी जानता था कि वह शेर से लड़कर उसे नहीं मार सकता । इसलिये उसने अपनी बुद्धि के बल पर शेर को मारने का उपाय सोच लिया । You Read This Hindi Short Stories With Moral on Lokhindi.com

फिर वह उसके पास पहुंँचा ।

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खरगोश के देर से आने के कारण शेर को गुस्सा आ रहा था । उसके आते उसने दहाड़ कर पूछा- “हे दुष्ट खरगोश ! सच-सच बता, तू देर से क्यों आया है ?”

शेर को क्रोधित होता देख खरगोश ने हाथ जोड़कर, सिर झुकाकर, गिड़गिडा़ते हुए कहा- “महाराज ! आप स्वामी हैं, जैसा चाहे करें, परंतु मेरी एक विनती सुन लें ।”

शेर गरजा- “जल्दी बोल- मुझे जोरदार भूख लगी है ।”

खरगोश ने कहा- “महाराज ! मुझे छोटा समझकर ही सब पशुओं ने मेरे पांँच अन्य साथियों को आपके भोजन के लिए भेजा था । मगर रास्ते में आज एक शेर मिल गया । Hindi Short Stories With Moral

वह अपने को जंगल का बादशाह बताकर मेरे पाँचों साथियों को खा गया । मुझे उसने यह कह कर छोड़ दिया कि मैं आपको उसके बारे में खबर कर दूंँ जिससे आप लड़कर अपना फैसला कर लें ।

खरगोश की बात सुनकर शेर आग-बबूला हो गया और गरज कर बोला- “जल्दी बता, वह कौन है ! मैं अभी उसे मारकर फिर तुझे खाऊंँगा ।
खरगोश रास्ता बताता हुआ शेर के आगे आगे चल दिया ।

फिर वह बोला- “महाराज ! वह बड़ा बलवान है, जरा संभलकर लड़ना ।”

और उसी प्रकार की बातें बनाता हुआ खरगोश शेर को उसी कुएंँ के पास ले आया जहां वह बहुत देर तक बैठा रहा था ।

वहां आकर खरगोश कहने लगा- “देखा महाराज, वह आपको देखते ही डर गया और अपने किले में जा छिपा । अब तो आप उसे मार ही डालियें, जिससे फिर कभी वह अपना सिर ना उठाये ।”

शेर ने पूछा- “उस शेर का किला कहांँ है ? मैं उसे वही जाकर मार डालूंँगा । तू मुझे उसके पास ले चल ।

खरगोश ने कुएँ के अंदर की तरफ इशारा किया । शेर ने कुएंँ में झांका तो पानी में उसे अपनी परछाई दिखाई दी । वह अत्यंत क्रोधित हो उठा ।
जोर से गरजा । Hindi Short Stories With Moral

कुएँ से अपनी आवाज की प्रतिध्वनि उससे भी ज्यादा जोर से निकली ।

और उस शेर ने उसे अपने दुश्मन शेर की गर्जना समझी ।

वह उसे मारने के लिए तुरंत कुएंँ में छलांग लगा गया ।

शेर के कुएंँ में छलांग लगाते खरगोश तुरंत कुएँ की मांद पर चढ़ गया और उसे कुएँ के पानी में डूबता हुआ देखकर वह खुश होता हुआ नाचने लगा । You Read This Hindi Short Stories With Moral on Lokhindi.com

फिर जब उसने देख लिया कि शेर पानी में डूब चुका है, तो वह संतुष्ट हांकर अपने घर की ओर खुशी-खुशी चल दिया ।

शाम को उसने सब जानवरों को शेर की मरने की खुशखबरी सुनाई ।

उसकी बात सुनकर बड़े-बड़े जानवरों को विश्वास न हुआ । वे कुएँ पर गये, तो उन्होंने मरे हुए शेर को कुएं के पानी में तैरते हुई पाया । फिर सबने खरगोश की अक्ल की दाद दी ।

शिक्षा – “यह एक पुरानी कहावत है- “अकल बड़ी या भैंस ।” इस कहावत में भैंस और अक्ल के संबंध को बताया गया है, मगर इसका मतलब यह नहीं कि भैंस अक्ल से बड़ी हो जायेगी । बड़ी तो अक्ल होती है, क्योंकि यदि अक्ल से काम लिया जाये तो छोटे से छोटा प्राणी भी बड़े से बड़े प्राणी को मात दे सकता है । जिस प्रकार एक छोटे से प्राणी खरगोश ने जंगल के राजा शेर को मार दे दी ।”

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Written by lokhindi
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